सर्वे भवन्तु सुखिनः श्लोक का अर्थ | Sarve Bhavantu Sukhinah meaning in Hindi, English, Urdu

Sarve Bhavantu Sukhinah meaning in hindi, English, Urdu:संस्कृत का श्लोक "सर्वे भवन्तु सुखिनः" एक सुंदर और गहरा अर्थ रखता है। जब अंग्रेजी में अनुवाद किया जाता है, तो यह संदेश देता है, "सभी प्राणी खुश रहें।" Sarve Bhavantu Sukhinah shlok सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का मंत्र के रूप में माना जाता है।

Sarve Bhavantu Sukhinah meaning in hindi English, Urdu
Sarve Bhavantu Sukhinah meaning in Hindi English, Urdu


सर्वे भवन्तु सुखिनः श्लोक का शाब्दिक अर्थ ( Sarve Bhavantu Sukhinah Shlok words Meaning in Hindi and English):


सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत् ॥

सर्वे (Sarve) - सभी (All)

भवन्तु (Bhavantu) - हों (let them be)

सुखिनः (Sukhinah) - सुखी (Happy)

सर्वे (Sarve) - सभी (All)

सन्तु (Santu) - हों (to be)

निरामयाः (Niramayāh) - स्वस्थ (Healthy)

सर्वे (Sarve) - सभी (All)

भद्राणि (Bhadraani) - मंगलमय (Auspicious)

पश्यन्तु (Pashyantu) - देखें/अनुभव करें (See/Experience)

मा (Mā) - न करें (Not)

कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् (Kashchidduḥkhabhāgbhavet) - किसी भी दुःख का अनुभव न करें (Not experience any pain)


Sarve Bhavantu Sukhinah Shlok Meaning in Hindi

सभी सुखी रहें, सभी स्वस्थ रहें।

सभी भलाईयाँ देखें, किसी को भी दुःख न हो॥


Sarve Bhavantu Sukhinah Shlok Meaning in English

May everyone be happy, May everyone be healthy.

May everyone witness goodness, May no one suffer.


Sarve Bhavantu Sukhinah Shlok Meaning in Urdu

سب خوش رہیں، سب تندرست رہیں۔

سب اچھائیاں دیکھیں، کسی کو بھی دکھ نہ ہو۔


Sarve Bhavantu Sukhinah Full Shlok in Sanskrit

सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।

सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्॥


Sarve Bhavantu Sukhinah Shlok Transliteration

Sarve bhavantu sukhinaḥ, Sarve santu nirāmayāḥ.

Sarve bhadrāṇi paśyantu, Mā kaśchidduḥkhabhāgbhavet.


यह श्लोक भारतीय दर्शन के सार को दर्शाता है और करुणा, सद्भाव और कल्याण की भावना को दर्शाता है। यह मनुष्यों, जानवरों और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को शामिल करने वाले सभी जीवित प्राणियों के कल्याण और खुशी की इच्छा व्यक्त करता है।

Sarve Bhavantu Sukhinah shlok हमारे चारों ओर हर किसी के लिए दया, प्रेम और सकारात्मकता बढ़ाने के महत्व पर जोर देता है। यह हमें हमारे अंतर्संबद्धता और खुशी और कल्याण की साझा इच्छा की याद दिलाता है। इस श्लोक का आह्वान करके, हम सभी प्राणियों के कल्याण के लिए अपनी वास्तविक चिंता और आनंद, शांति और सद्भाव से भरी दुनिया के लिए अपनी आकांक्षा व्यक्त करते हैं।

"सर्वे भवंतु सुखिनः" हमें दूसरों के प्रति सहानुभूति, समझ और करुणा पैदा करने के लिए एक सौम्य अनुस्मारक के रूप में कार्य करता है। यह हमें न केवल मनुष्यों बल्कि जानवरों और प्रकृति के प्रति भी दया, सम्मान और विचार के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह श्लोक हमें एक दूसरे के साथ और पर्यावरण के साथ सद्भाव से रहने के लिए प्रेरित करता है, एकता और साझा खुशी की भावना को बढ़ावा देता है।

सर्वे भवन्तु सुखिनः श्लोक के सार (Sarve Bhavantu Sukhinah shlok meaning) को अपने दैनिक जीवन में शामिल करके हम एक अधिक करुणाशील और सामंजस्यपूर्ण दुनिया बनाने में योगदान दे सकते हैं। यह हमें याद दिलाता है कि सच्चा सुख केवल अपनी भलाई में ही नहीं बल्कि दूसरों की भलाई और खुशी में भी निहित है। आइए हम "सर्वे भवंतु सुखिनः" की भावना को अपनाएं और सभी प्राणियों में खुशी, प्रेम और सकारात्मकता फैलाने का प्रयास करें, जिससे हमारी दुनिया सभी के लिए एक बेहतर जगह बन सके।

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